गिरधावरो को मिलेगा नायब तहसीलदार ओर तहसीलदार का प्रभार*जारी हुआ पत्र….. सरकारी कामकाज में आ रही दिक्कतो को दूर करने के लिए सरकार का बड़ा फैसला…. बेरोजगारों की बढ़ती तादात के बीच कार्यालय चलाने की जुगाड़…..

पेटलावद। केंद्र व प्रदेश में भाजपा की सरकार लगातार जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतार कर अधिक से अधिक लोगों को लाभ प्रदान करने का प्रयास कर रही है।
वही मध्य प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में चौथी बार भाजपा की सरकार काम कर रही है ।

*कामकाज पर पड़ता असर*

आम लोगों को परेशानियों को दूर करने के लिए सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में मुख्य भूमिका सरकारी तंत्र ओर विशेष रूप से राजस्व विभाग निभाता है और कर्मचारियों तथा राजस्व अधिकारियो की प्रदेश में कार्यालयों में भारी कमी है जिसके चलते सरकार को भी सरकारी कामकाज में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है ।

*बेरोजगारो की बढ़ती तादात ओर भर्ती प्रक्रिया लंबित*

वैसे तो देश और प्रदेश में पढ़े-लिखे बेरोजगारों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और छोटे से छोटे रोजगार के लिए भी बेरोजगार युवक युवतियां भटक रहे हैं। सरकार के द्वारा समय-समय पर भर्तियां जरूर निकाली जा रही है लेकिन इन भर्तियों में कई बार कानूनी पेच फंसने के कारण अधिकांश भर्ती मामले या तो न्यायालयों में लंबित है या कई मामलों की प्रक्रिया अधूरी पड़ी हुई है।

*गिरधावरो के देगे प्रभार*

जिसके चलते सरकार के द्वारा एक नया निर्णय लेते हुए राजस्व विभाग में तहसीलदार और नायब तहसीलदार के रिक्त पदों पर अनुभवी और पुराने राजस्व निरीक्षकों को तहसीलदार और नायब तहसीलदार का प्रभार दिए जाने का निर्णय लिया गया है।

*राजस्व मन्त्रालय से जारी हुआ पत्र*

इसी क्रम में प्राप्त जानकारी के अनुसार मप्र शाशन के राजस्व विभाग मंत्रायल के उप सचिव दिनेश कुमार मौर्य के ने दिनांक 21 जुलाई को एक पत्र जारी जारी करते हुए प्रमुख राजस्व आयुक्त मप्र भोपाल और आयुक्त भूअभिलेख ग्वालियर को जारी किया है ।जिसमे राजस्व निरीक्षक को नायब तहसीलदार ओर तहसीलदार का प्रभार देने के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवाई जाने की बात कही गयी है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2016-17 में भी राजेश परीक्षकों को तहसीलदार और नातेदार का प्रभार दिया गया था।

 

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